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हमर गाम कश्मीर सँ बेसी सुंदर अछि आ अहाँक ..... |
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बीच बहस मे
"दीप जरा कय अपन साहित्यकार क़े ताकू "
"सगर राति दीप जरे" मैथिली साहित्यक परिचर्चा क' नूतन प्रयोग अछि .साहित्य सं समाज क़े बढल दूरी क़े बीच कोनो शहर में साहित्यकारक राति भरिक ई परिचर्चा कोनो आन्दोलन लाबि सकैत अछि की नहि, से कहनाय मुश्किल लेकिन अगर एहन परिचर्चा गाम- गाम में कयल जाय त' बेहतर परिणाम सोचल जा सकैत अछि .साहित्यकार पहिले राजदरबार क़े संरक्षण में अपन रचना क़े आकार दैत छलाह .बादक दौर में समाज सं भेटैत अनुराग आ सम्मान साहित्यकार क़े रचना क़े लेल उत्साहित करैत छळ .आब नहि त' सामाजिक सम्मान अछि आ नहि दरबारक संरक्षण.समाज सं रचनाकारक कोनो संवाद नहि अछि जाहिर अछि साहित्यकारक संघर्ष पहिले सं आई किछु ज्यादा अछि .अहि हालत में सगर राति दीप जरा कय साहित्य परिचर्चा क़े आयोजन कय साहित्यकार अपन रचनाशीलता क़े उर्जा बरक़रार राखैत छैथ .लेकिन लोकक संपर्क पाठक क़े संपर्क सं नितांत दूर छैथ .समाज में साहित्यकारक लोकप्रियता क' अंदाज़ा अहि सं लगायल जा सकैत अछि जे आजुक पीढ़ी क़े १० साहित्यकार क़े नाम हम गिना नहि सकैत छी ..Read More Your Feedback
मदर डे पर मोन पडलीह माय
मिथिला में बढल जानकी नवमी क़े लोकप्रियता क़े बीच मोन पडल गाम में कोनो कोन में पडल माय .मोन पडल अपन लोक अपन समाज सं तिरस्कृत मातृभाषा .मोन पडल अपन विलुप्त होयत मिथिलाक संस्कृति.मात्रिरूपक तमाम धरोहर ख़तम भय रहल अछि .माता क़े प्रति आस्था आ अनुराग क्षीण भ' रहल अछि लेकिन हम जानकी उत्सव मना रहल छी ,हम मदर डे क़े मौका पर माय क़े याद करबाक बहाना ढूंढ़ रहल छी .जानकी क़े भूमि पर आई माय आहत छैथ .धीया पुता क़े बाट जोहैत माय क़े आँख पथरा गेल अछि .बच्चा सबहक आगन क़े ओगरबाही में माय घरक एक कोन में बैसल हर क्षण हर पदचाप पर चौकैत छैथ लेकिन दूर देस में बैसल बच्चा माय क़े बिसरी गेल छैथ .ReadMore YourFeedback
एक और सीता क' हत्या
जानकी नवमी क़े दिन जनकपुर में एक और सीता क़े हत्या कय देल गेल .मिथिला और मैथिली क़े लेल समर्पित प्रसिद्ध रंगकर्मी रंजू झा मिथिला संस्कृति आ परंपरा क़े रक्षा क़े लेल शहीद भ' गेलीह .जानकी क़े भूमि पर एक दोसर सीता क़े शहादत नेपालक जटिल सियासी कुचक्र पर केहन प्रभाव छोड़त ई कहनाई मुश्किल अछि ,लेकिन एक मिथिलानी क़े ई साहस आ त्याग कुम्भ्करनी निद्रा में सुतल मैथिल क़े जरूर झ्क्झोड़ी देलक अछि . अलग मिथिला राज्य क' मांग क़े लेल जनकपुर में धरना पर बैसल मैथिली कला परिषद् क़े सदस्य पर मोटर साईकिल बोम्ब सं हमला कयल गेल आ रंजू झा सहित चारि कलाकार मारल गेलाह .नेपाल में राजनितिक उथल पुथल आ बंद -हड़ताल ,हिंसा क़े मौजूदा दौर में प्रथक मिथिला राज्य क़े मांग पुर्णतः अहिंसक और शांतिपूर्ण रहल अछि लेकिन अहि शांति पूर्ण प्रदर्शन पर हिंसाक हमला सत्ता आ व्यवस्था पर दर्जनों सवाल उठाबैत अछि
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अक्षर-अक्षर अमृत
वैद्यनाथ मिश्र "यात्री'
लहेरियासरायक पंडासराय मुहल्ला। सन् १९८६। तारिख रहै चारि दिसम्बर। बृहस्पति। घड़ी मे बाजल रहैक साढ़े तीन। जाड़क मास..... साँझ खसल चल अबैत रहैक। पुरान टाइपक एकटा मकानमे छोटछीन कोठलीमे यात्रीजी एकटा अति साधारण खाट पर चुपचाप बैसल रहथि। ट्रान्जिस्टरसँ कोनो शास्रीय संगीतक धुनि अबैत रहइक- ताहीमे लीन!
'अहाँ लोकनि के थिकहूँ बउआ?'-'हम विश्वनाथ'
-'हम अमरनाथ' -'आ हम वैद्यनाथ'- यात्रीजी भभा'कऽ हँसैत बजलाइ-'नथिनाथ'। पहिने हम लिखैत रहिऐक वैद्यनाथ मिश्र 'वैदेह-'मुदा से अति पुरान बात थिक। .....अरे बैसू-बैसी ने, ठाढ़ किएक छी!" अमरनाथ यात्रीजीक बगलमे खाट पर बैसि रहलाह। .....
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अन्सोहात बिहार क ' विकास गाथा |
हमरा माथ पर मिथिलाक पाग बदसूरत लागैत अछि
फेसबूक पर फलां बाबूक माथ पर पाग पर छिडल बहस क़े बीच मिथिलाक पाग पर अकस्मात् ध्यान गेल .ई मिथिलाक पाग अछि या सिर्फ एक जाति विशेषक पाग ?.ई पाग संस्कार सं अचानक गायब भ' गेल अछि लेकिन समारोह में जोर शोर सं प्रचलित भ' रहल अछि .ई पाग मिथिलाक सभ्रांत होयबाक सूचक अछि या फिर विद्वत जन क़े पहचान सं या फिर जाति विशेष एही पाग क़े सामाजिक मर्यादा सं जोड़ी लेलैंह ?सवाल बहुत अछि लेकिन तर्क क़े कसौटी पर जवाब बहुत कम .उत्तर भारत क़े हर प्रान्त में माथ पर किछु रखबाक परंपरा रहल अछि लेकिन अहि पाग क़े लयक मिथिला में सिर्फ ब्रह्मण में किएक आकर्षण छळ ?Read More Your Feedback
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कोसी पीड़ित के विश्व बैंक सं उम्मीद |
अखिल भारतीय मिथिला पार्टी:छोट दर्शन नमहर नाम
बांका,बिहार क़े विधायक जावेद इकबाल अंसारी क़े मैथिली क़े द्वितीय राजभाषा क़े लेल आग्रह मैथिली क़े सामजिक विस्तार क़े झांकी प्रस्तुत करैत अछि.मैथिली दिवस पर आयोजित समरोह में राजभाषा क़े रूप में मैथिली क़े पहचान दियेबाक लेल विभिन्न पार्टी क़े राजनेताक समर्थन अहि आन्दोलनक राजीनीतिक महत्व सेहो प्रदर्शित करैत अछि.लेकिन जे मैथिली संविधान क़े अष्टम सूचि में पहिले सं मर्यादित अछि ओही मैथिली क़े द्वितीय राजभाषाक मान्यता लय हम की हासील कय सकैत छी ई सवाल अछि.मिथिला राज्य और द्वितीय राजभाषा क़े मुद्दा क' संग अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् संघर्षरत अछि. अपन संघर्ष सं उत्साहित परिषद् अखिल भारतीय मिथिला पार्टी क़े गठन कय मिथिला में एक नव राजनितिक समीकरण क़े दावा करैत अछि ..Read More Your Feedback!
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साक्षर बिहार मे खस्ताहाल शिक्षा |
कथिके क़े मैथिल ?संघर्षरत मैथिली क़े सवाल
भाषा कोनो समाज क़े पहचान होयत अछि .भाषा ओही समाजक सांस्कृतिक उद्घोषक क़े संग संग व्यक्ति में सामजिक भाव उत्पन करैत अछि .लेकिन विकासक अँधा दौर में आई दुनिया क़े ९० फीसद भाषाक अस्तित्व संकट में अछि त' दर्जनों प्राचीन भाषा विलोपित भ' चुकल अछि .मिथिलाक अति प्राचीन भाषा मैथिली आई अपन अस्तित्व क़े लेल संघर्ष कय रहल अछि .भाषा वसुधा नामक एक महत्वपूर्ण आयोजन में प्रख्यात भाषा विद भारतीय भाषा क़े दम तोडैत हालत पर चिंता जतौलेंह अछि .दुनिया भरि क़े ९०० भाषा क़े प्रतिनिधि गुजरात क़े बरोदरा में जमा भय प्राचीन भाषा क़े बचेबाक गुहार लागोलैंह .भारत क़े क्षेत्रीय भाषा क़े प्रतिनिधि अहि बात पर चिंता जतौलेंह जे इंग्लिश क़े वर्चस्व में शासन और सरकार सैकड़ो भाषाक सरिता क़े श्रोत बंद कय देलक अRead More Your Feedback
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